• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country ALWAYS. Loyalty to government, when it deserves it."
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    गोरखपुर त्रासदी और राजनीति : शर्मनाक

    उन मासूमो की किलकारी को सुनने माँ तरसती है
    जहाँ गयी है ज़िन्दगी मांगने वहां मौत बरसती है

    मदरसों में लगा के कैमरे साबित कर दिया तुमने
    मुसलमाओं के लिए दिल में तुम्हारे आग जलती है 

    लगे कैमरे उन कार्यालयों में तो शायद कुछ मिले
    जहाँ आई एस आइ के जासूसों की खेप पलती है 

    जो चुप है, जो है डरे या जो बिके है ज़ुल्म के हाथों
    कल तुम्हारा नंबर है, पहलू-अखलाक की रूह तुमपे हस्ती है 

    मुल्क का बना रखा सिपाहसलार हमने उसको
    कि कब्रिस्तान और शमशान से जिसकी राजनीती चलती है 

    अगर बोला तुमने कुछ तो मारे जाओगे सरेआम “बिलाल”
    सरकार कुछ नहीं करेगी, यहाँ सब भीड़ करती है 

     

    ये मेरा मुल्क हिंदुस्तान है, दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, ये अपनी एकरूपता के लिए नहीं बल्कि विवधता के लिए सबसे खूबसूरत है, हाँ ये बात सही है की बटवारे से समय और आजादी से बाद से अक्सर इस देश में सांप्रदायिक दंगे होते रहे… लोग मरते रहे… ये दंगे पूर्ण रूप से सरकार द्वारा प्रायोजित थे, और आज भी होते है, सबसे बड़ा दंगा बाबरी विध्वंस के समय हुआ, हजारो लोग मरे, हिन्दू-मुस्लिम के बीच नफरत ने पाँव पसार लिए, और पूरे देश में सांप्रदायिक घटनाये हुईं, इस घटना को अंजाम देने में राजनितिक दल पूरी तरह से सफल हुए, और हिन्दू मुस्लिम के बीच एक खाई का निर्माण कर दिया गया, समय बीतता गया सरकारें बदली और देश में धीरे धीरे फिर सम्प्रयिक सौहार्द बंनने लगा, धीरे धीरे दूरियां कम होने लगीं… भारत देश की पहचान इसकी विविधता है हम आखिर एक दुसरे से कितने और कब तक दूर रह सकते हैं ? हर एक मुस्लिम लड़के के चार हिन्दू दोस्त हैं, यही हिन्दू लड़कों के साथ भी है, उनकी भी मित्रों की टोली में दस में से कम से कम तीन मुसलामन मिल ही जायेंगे. फिर हमारा भारत देश विकास के पथ पर चलने लगा… देश में हाइवेज बनने लगे, रेलवेज का विस्तार होने लगा, कस्बों और गावों तक बिजली पहुचने लगी, और साथ साथ भ्रष्टाचार भी होता रहा, तब तक कभी मुसलमानों से ये नहीं कहा गया की तुम अपनी देशभक्ति का सबूत दो, राष्ट्रगान गा के सुनाओ, वन्दे मातरम बोलो, तब तक ऐसी भीड़ पैदा नहीं हुई थी जो किसी जानवर के लिए इंसान को रोड पर पटक पटक के मार दे और खुद जानवर बन जाये, तब अगर कोई मुसलामन संदेह में पकड़ा जाता था तो उसे अखबारों और न्यूज़ चैनल्स में बिना किसी मुक़दमे के आतंकवादी नहीं कहा जाता था, तब फैसला माननीय न्यायालय करता था, आज भी न्यायालय ही करता है, लेकिन आज फैसला करने से पहले ही अगर आरोपी मुस्लिम है तो उसके माथे पर आतंकवादी लफ्ज़ चिपका दिया जाता है और पूरे देश को बता दिया जाता है की ये आतंकवादी है, ये बदलाव यूँ ही नहीं आ गया, 2014 का इलेक्शन कैम्पेन में मीडिया की बड़ी भूमिका रही… अच्छी बात है…बदलाव ज़रूरी है, लेकिन इलेक्शन से पहले उत्तर प्रदेश में इतना बड़ा दंगा और भी कई जगहों पर साम्रदायिक घटनाये हुईं, दंगे कराने में किसकी भूमिका रही ये न्यायालय तय करेगा लेकिन इन दंगों ने भारतीय जनता पार्टी के लिए संजीवनी का काम किया, उत्तर प्रदेश में दंगा तो वहां सरकार, असम में दंगा तो वहां सरकार, उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री पर तो दंगा भड़काने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने को लेकर एफआईआर तक दर्ज हुई, दर्जनों केस दर्ज हुए, मुसलमानों के खिलाफ खुले मंचों पर योगी जी ने भाषण दिए, जो कस्बों और गावों और शहरों के नाम किसी मुस्लिम के नाम पर हैं उन्हें बदलने के वादे किये, विकास के वादों से ज़ादा ऐसे वादे थे जो हिन्दू मुस्लिम मे नफरत फैलाने का काम कर रहे थे, और वो हिन्दुओं के मन में मुसलमानों के खिलाफ ज़हर भरने में सफल हुए और इसका इनाम उन्हें प्रधान सेवक ने मुख्यमंत्री की कुर्सी देकर किया.

    शहीदे हिन्द भगत सिंह ने कहा था – अगर हमे सरकार बनाने का मौका मिला तो किसी के पास प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं होगी, सबको काम मिलेगा, और धरम व्यक्तिगत विश्वास की चीज़ होगी, सामूहिक नहीं.

    आजादी को अपनी दुल्हन मानने वाले शहीद के ऐसे विचार थे और सत्ता में बैठे राजनितिज आज देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं, एक शहीद की आत्मा आज इनको विचारों और कुकर्मो को देख कर ज़रूर दुखी होती होगी.

    उत्तर प्रदेश में एक गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से पांच दिनों में 60 मासूम बच्चों की जान चली जाती है, पुष्प गैस एजेंसी से ये ब्यान आया है की वो अस्पताल से फ़रवरी 2017 से भुगतान के लिए कह रहे थे लेकिन भुगतान नहीं हुआ, और उन्होंने अंतत: ऑक्सीजन गैस सप्लाई बंद कर दी और 60 मासूम बच्चों को इसका खामियाजा अपनी जान देकर भुगतना पड़ा, लेकिन योगी सरकार सफ़ेद झूठ बोल रही है, इनका कहना है की अस्पताल में एक भी बच्चे की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई, क्या इतनी बड़ी घटना के बाद किसी भी प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपने ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं करनी चाहिए ? ज़रा सोच के देखिये की अगर यही घटना गैर बीजेपी शासित प्रदेश में होती तो अब तक प्रधानमंत्री जी भी वहां के मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा मांग चुके होते.

    ये बहुत ही हास्यास्पद है की योगी जी 15 अगस्त के लिए उत्तर प्रदेश के सारे मदरसों में कैमरे लगवा रहे हैं की यहाँ झंडा फैराया जाता है या नहीं राष्ट्रगान गया जाता है या नहीं… योगी के इस कदम ने पूर्व उपराष्ट्रपति की बात को शतप्रतिशत सही साबित कर दिया, जिस देश में एक प्रदेश का मुख्यमंत्री देश के मुसलामनों को शक की निगाह से देखेगा, उनपर कैमरे की निगरानी लगा देगा, ऐसे में देश का मुस्लमान असुरक्षित महसूस कैसे नहीं करेगा, वैसे अगर योगी जी केंद्र सरकार से बात करके मुसलमानों को भारतीय सेना में 50 प्रतिशत आरक्षण दिलवा दे तो पता चल जायेगा की मुस्लमान कितना देशभक्त है और वो देश के लिए क्या कर सकता है, एक रास्ता और है… देश के 20 करोड़ मुसलमानों को मुख्यमंत्री योगी आत्दित्यानाथ के निवास 5 कालिदास मार्ग लखनऊ पहुचना चाहिए और सबको एकसाथ योगी जी के कान में राष्ट्रगान गाना चाहिए, उसके बाद से शायद वो मुसलमानो से देशभक्ति का सबूत मांगना बंद कर दे और प्रदेश के विकास के लिए कुछ काम करें.

    आज देश को अच्छे अस्पतालों और स्कूलों की ज़रुरत है, शिक्षा की ज़रुरत है, गाय एम्बुलेंस चलाना अच्छी बात है लेकिन इंसानों के लिए भी पर्याप्त एम्बुलेंस होना ज़रूरी है, देशवासी दुनिया में सबसे जादा टैक्स इस देश में भरते है, सरकार की ज़िम्मेदारी है की वो उन्हें पूर्णरूप से सारी सुविधाएँ मुहईया कराये, विकास तभी संभव है, और हाँ अगर आप ऐसी भीड़ का निर्माण कर रहे हैं या आप उस भीड़ का हिस्सा हैं जो धरम और गाय के नाम पर लोगों की सरेआम हत्या कर देती है तो जान लीजिये आप आग को हवा दे रहे है, उसमे घी डाल रहे हैं…और आग का कोई धरम नहीं होता, ये कब आपका दामन पकड़ लेगी आपको पता भी नहीं चलेगा.

    आखिर में शहीद भगत सिंह की बात से ही ख़तम करूँगा, उन्होंने कहा था – जो भी विकास के लिए खड़ा है उसे हर रुड़ीवादी चीज़ की आलोचना करनी होगी, उसमे अविश्वास करना होगा और उसे चुनौती देना होगा.

     

    जय हिन्द जय भारत
    बिलाल हसन

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    Bilal Hasan

    Excels in playwrighting, direction & poetry. He hails from Lucknow & is working in entertainment industry in Mumbai.
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