• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country ALWAYS. Loyalty to government, when it deserves it."
  • Photo Courtesy - @madhutrehan
    Photo Courtesy - @madhutrehan

    टीवी कम देखिये – रविश कुमार

    पटियाला हाउस कोर्ट में वकीलों के समूह ने मीडिया के लोगों के साथ धक्का मुक्की और मारपीट की थी। उसी हमले के विरोध में पत्रकारों ने एकजुटता मार्च रखा। जब मीडिया के साथ मार पिटाई हो रही थी तब पुलिस तमाशबीन बन देखती रही।

    एनडीटीवी इंडिया के वरिष्ट पत्रकार रविश कुमार ने एकजुटता मार्च में न्यूज़लॉन्ड्री की संपादक मधु त्रेहान से बातचीत की और जेएनयू मसले को कुछ मीडिया सेक्शन द्वारा कवर करने के तरीकों पर सवाल उठाये और निंदा भी की।

    बिना नाम लिए रविश कई एंकर्स पर बरसे और कहा कि ये लोग बोलने की स्वतंत्रता को तय करने में लगे है और दर्शकों में फूट भी डाल रहे हैं।

    इंटरव्यू के कुछ महत्त्वपूर्ण बिंदु :

    # अगर कोई एंकर बोलने की स्वतंत्रता को तय करने में लग जाये तो लोगों को टीवी पर डिबेट्स देखना बंद कर देना चाहिए।
    # यह बहुत ही खतरनाक स्थिती है। एक आम इंसान कैसे सुरक्षित महसूस करेगा जब मीडिया को कोर्ट परिसर में पीटा जाये।
    # अगर किसी केस में कोई गरीब आदमी को जज तक पहुँचने से पहले ही कोर्ट परिसर में कुछ वकील जज बन मार दे तो स्तिथी कितनी भयावह है।
    # कुछ एंकर्स फालतू के मुद्दों पर बहस करेंगे और उन मुद्दों को छोड़ देंगे जो आम आदमी पर सीधा असर डालती है।
    # सूट पहन लेना, कैमरा मिल जाना और प्राइमटाइम स्लॉट मिल जाने का यह मतलब नहीं होता कि आप जो चाहेंगे वो बोलेंगे।
    # यह एंकर्स होते कौन है किसी को भारत विरोधी का ठप्पा लगाने वाले ?