• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country "ALWAYS". Loyalty to government, when it deserves it."
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    न्यायपालिका के इतिहास में सबसे शर्मनाक घटना

    अगर आपको अब तक नहीं पता कि सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम नंबर 1 में क्या हुआ, तो जाकर ख़बर ज़रूर चेक करिये। कल जो हुआ वो न्यायपालिका के इतिहास में सबसे दुखद और शर्मनाक घटना के रूप में याद किया जाएगी।

    मेडिकल काउंसिल के एक घपले में कुछ अन्य जजों के अलावा भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मिश्रा पर भी आरोप हैं। प्रशांत भूषण की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस चलमेश्वर ने मामले को सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की पीठ को सौंपा था।

    क्यूंकि मामले में मुख्य न्यायाधीश भी आरोपी हैं, तो अदालत के 5 सीनियर जजों को सौंपना तर्कसंगत लगता है। लेकिन कोर्ट की प्रक्रिया की अवहेलना करते हुए शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश ने 7 जजों की एक बेंच बुला ली। इनमें से 2 जज नहीं आये।

    स्वतंत्र एसआईटी जाँच की माँग करने वाले याचिकाकर्ता वक़ील प्रशांत भूषण को 2:45 पर ख़बर भिजवाई गयी कि 3 बजे से सुनवाई होगी।

    प्रशांत भूषण ने जब मुख्य न्यायाधीश को कहा कि ख़ुद आप पर आरोप हैं, आप कैसे इस मामले पर सुनवाई करेंगे, वो भी इस तरह से ग़लत प्रक्रिया का सहारा लेकर, तो जज साहब ने प्रशांत जी को ही कंटेम्प्ट की धमकी दे डाली। कोर्ट रूम के अंदर शोर हंगामा और नारेबाज़ी होने लगी। देश की सबसे बड़ी अदालत में गुंडागर्दी हो रही थी। लोकतंत्र शर्मसार हो रहा था। और भारत के मुख्य न्यायाधीश ने अपने ही ऊपर लगे आरोपों पर फ़ैसला सुनाते हुए जस्टिस चलमेश्वर के तर्कसंगत फ़ैसले को पलट दिया।

    प्रशांत भूषण विरोध करते हुए कोर्ट से निकल गए क्यूंकि उन्हें बोलने नहीं दिया गया। लेकिन कमरे में उपस्थित अन्य सभी वकीलों से पकड़ पकड़ के पूछा गया।

    जो लोग न्यायपालिका, ख़ासकर सुप्रीम कोर्ट की संस्कृति से वाकिफ़ हैं, उन्हें अच्छे से पता है कि अन्याय के ख़िलाफ़ प्रशांत भूषण ने जिस तरह स्टैंड लिया, वो किसी और की हिम्मत नहीं हो सकती थी।

    सुप्रीम कोर्ट के अंदर जो कुछ हुआ हो अत्यंत दुखद है। हमारी अपील है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश अपने साथ न्याय होने दें। तभी देशवासियों को वो न्याय का भरोसा दिला पाएंगे और देश का न्यायपालिका में विश्वास ज़िंदा रख पाएंगे।

    समय आ गया है कि हम और आप खड़े होकर अपने देश और देश के संस्थाओं को बचाएं। हल्के में न लें इस मामले को!

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    Anupam

    Chief National Spokesperson & Delhi President - Swaraj India (Party)
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