• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country ALWAYS. Loyalty to government, when it deserves it."
  • pak school

    पेशावर के उन मासूमों के लिए …

    किताबों को हमारी तुम

    लहू से रंग दो तो क्या है।

     

    बस्तों में हमारे तुम

    जो बारूद भर दो तो क्या है।

     

    जो कर दोगे फ़ना हमको

    कर दो तो भी क्या है।

     

    हम फिर से जी उठेंगे

    और लाएंगे साथ

    अपनी पेंसिल रब्बर कटर

    और वो किताबों से भरा बस्ता भी

    जिससे दुश्मनी है तुम्हारी।

     

    हम तो  गुलशन के फूल हैं

    आसमान के तारे हैं

    न रहें फिर भी चमकेंगे

    हम तो वो सितारे हैं।

     

    हो तुम क्या सोच लो एक बार

    तुम हो भी या नही हो

    येही  देख लो एक बार

    शायद खुद को देख सको।