• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country ALWAYS. Loyalty to government, when it deserves it."
  • singh

    पर भगत …

    बारिश में मिट्टी वैसी ही महकती है
    शाेलाें से आग वैसी ही  दहकती है
    बाग़ाें में काेयल वैसे ही कूकती है
    माँ दुआ पढ़ के आज भी वैसे ही फूँकती है

    पर भगत अब बच्चे तुम जैसे नहीं हाेते
    खेताें में अब वाे बंदूक़ें नहीं बाेते

    अब वतन पर जवानी चहकती नहीं
    फाँसी पाने काे गर्दन लहकती नहीं
    अब आज़ादी की मंज़िल काेई चुनता नहीं
    जेल जाने के ख़ाब काेई बुनता नहीं
    अब लड़ाई भी अब लड़ी जा सकती नहीं
    काेई ग़ुलामी अब हमकाे कसकती नहीं
    नज़राें की तलवार से अब आबरू बचती नहीं
    क़लम में भी अब धार बसती नहीं

    पर आज भी  पानी बेरंग
    ख़ून लाल हाेता है
    आज भी अवाम भूक से मरती है
    हाकिम चैन से साेता है

    पर भगत अब नाैजवान तुम जैसे नहीं हाेते
    पर भगत …

    अब नाैजवान बिल्कुल भी तुम्हारी तरह नहीं हाेते 

    • Abhinav

      Zabrdast likha hai Nietin aur ek sachhai bhi