• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country "ALWAYS". Loyalty to government, when it deserves it."
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    नववर्ष का प्रथम दिवस

    नए साल का सूरज 

    जब शिशिर के कोहरे को चीरते हुए,
    क्षितिज पर बिखेर रहा था
    लालिमा का फैलाव, जैसे-
    काग़ज़ी कैनवास पर रंग फैला रहा हो कोई;
    मैं नींद की आग़ोश में
    देख रहा था-
    नूतन वर्ष का स्वप्न।

    बीते साल के आख़री दिन,
    गुम था मैं आभासी दुनिया में
    संध्या से देर रात तक।
    कुछ जाने-अनजाने चेहरे,
    जो मेरी ही तरह
    आभासी दुनिया में गुम थे,
    उनकी संगत थी मायावी-सी;
    जो थी भी और नहीं भी।

    नूतन वर्ष का प्रथम दिवस
    बढ़ा जब अपने अवसान की ओर,
    सूरज समेट रहा था चूल्हा-चौका,
    संध्या की स्याही में सिमटते जा रहे थे
    क़ुदरती कैनवास पर बिखरे रंग;
    मैं मेट्रो में सवार, अपने मोबाइल पर
    मिथ्या कल्पना के शब्दों को
    डिजीटली उतार रहा था।

    न अनुभव, न अनुभूति, न स्पंदन
    न जिज्ञासा, न कौतूहल –
    सब कुछ यांत्रिक हो जैसे;
    नववर्ष का प्रथम दिवस गतिमान है।

    (Kunal Gauraw is an engineer by profession, currently working as a Image Processing Algorithm Developer in an Automotive Research Center in Gurgaon)