• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country "ALWAYS". Loyalty to government, when it deserves it."
  • BILAL

    मेरी माँ

    कितनी रातें तू जागी है
    कितने दिन रात रोई है ,
    तकलीफों को अपनी माँ
    मुस्कराहट में संजोयी है ,

    कितने जत्नों के बाद जन्मा
    तुमने मुझको ऐ अम्मा
    मेरी हर आह पे ऐ माँ
    तू रो आँचल भिगोई है ,

    नमाज़ों में दुआओं में
    तूने जन्नत न है मांगी
    के मांगी है मेरी बस खैर
    मेरी खुशी-आबादी मांगी है ,

    ममता  तेरी ओ मेरी माँ
    मुझको हौसला दे जाती है
    के जाऊं मैं कहीं भी
    तेरी बस याद  आती है ,

    कितनी  माएँ आज रोती हैं
    रास्तों पे वो रहती हैं
    के अपनों ने न माना है
    घर से उनको निकाला है ,

    दुखों में दर्द में रहती हैं
    कई तकलीफें सहती हैं
    फिर भी बच्चों को अपने
    बद-दुआ वो न देती है ,

    सुधर जाओ संभल जाओ
    माँ का मतलब समझ जाओ
    के जन्नत है मुहब्बत है
    माँ ही बस ऐसी अज़मत है ,

    मेरा वादा है तुझसे माँ
    दिल न तेरा दुखाऊंगा
    तेरी ख़ुशी -हसी के लिए
    मैं तो कुछ भी कर जाऊंगा
    के रखूँगा सदा पलकों पे
    फ़र्ज़ सारे निभाऊंगा