• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country "ALWAYS". Loyalty to government, when it deserves it."
  • Manjhi

    मील का पत्थर नहीं, मील का पहाड़ है “माँझी : दी माउंटेन मैन”

    हेतना ताक़त कहाँ से लाते हैं? 

    इ परेम है… पहले जोरू से था, अब पहाड़ से है
     
    माँझी देखी और फिल्म के ऊपर कुछ लोगों से भी बात की। लोग कहते हैं, काफ़ी नुक़सान होगा। पर मेरे हिसाब से ये फ़िल्म कोई १००-२०० करोड़ या किसी फ़िल्मफ़ेयर का मोहताज नहीं है, ये इन सब से कहीं ऊपर, कहीं आगे है। 
     
    ये फ़िल्म है तो मुख्यत दशरथ माँझी के अविश्वसनीय शक्ति, अविश्वसनीय कहानी की, पर इस बीच ये समाज के जाने कितने पहलुओं को, कितनी कुरीतियों से रूबरू कराती है। बाल-विवाह, छुआ-छूत, नक्सलवाद, भ्रष्टाचार और न जाने क्या क्या। राजनैतिक एंगल भी ज़बरदस्त है। अनगिनत जगह फ़िल्म ड्रमैटिक लगेगी, कभी फ़ॉरेस्ट गम्प की भी याद दिलाएगी, पर केतन मेहता का लाजवाब निर्देशन सब कमाल का कर देता है, ड्रामा भी बेहतरीन लगने लगता है। धारदार डॉयलाग, अचूक चलचित्र का कथानक और आपन बिहार के बोली.. भाई बमपिलाट.. मज़ा आ गया। 
     
    कुछ दृश्य सीना छेद कर देंगे.. जैसे नवाजुद्दीन का अँगूठा काटना, पैदल दिल्ली की ओर बढ़ना, ईंट-भट्टी में एक मज़दूर का गिरना, और भी हैं, अनेक ऐसे। बेहतरीन चलचित्र और पृष्ठभूमि संगीत एकदम परम, लाजवाब गानें। 
     
    जैसे दशरथ माँझी की कहानी नेवर गिव अप की कहानी है वैसे हीं असलियत में नवाजुद्दीन की भी कहानी वैसी हीं है। फ़िल्म ‘शूल’ का वो वेटर, ‘मुन्ना भाई’ का लतखोर चोर से यहाँ तक। कमाल हो दोस्त तुम भी। हर एक नयी फ़िल्म से तुम और ऊपर चढ़ते हीं जा रहे हो, भई ग़ज़ब। एक एक सीन को तुमने अपना बनाया है, जिया है। धुँआधार डॉयलाग डिलीवरी और चिंहाड़ कर तेरा हँसना। 
     
    ज़रूर देखे। मिस नहीं होना चाहिए। मील का पत्थर नहीं, ये मील का पहाड़ है। 
     
    सानदार… जबरजस्त… ज़िंदाबाद ।।
    • s suman

      film to bahute jaandar ba
      par director saheb bhi thoda sa comercialisation ke chakkar me fisal gaye apne path se. manjhi aur faguniya ka kuch jyada hi romance dikha diya khas kar mitti,keechar,pani theme man ko na bhaya.
      director saheb ko film disha se kuch sikhni chahiye tha.
      but thik hai kah sakte hain ki masala moovie ki thodi si prachar aur kamai ka madhyam ho sakta hai but salute to nawaz
      zabardast ,shaandar,zindawad.