• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country ALWAYS. Loyalty to government, when it deserves it."
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    एक खत युवी तुम्हारे लिए

     

    ना घबराना युवी  उस मैच को लेकर , ये दुनिया ऐसी ही है| यहां सब क्रिकेट के नहीं, बस खिताबों के समर्थक है| जब तक बल्ला बोलता है तभी तक ये चिल्लाते है. आप ने ही एक विज्ञापन में कहा था जब तक बल्ला चलता है तब तक ठाठ है , और हमे यकीन है की वो ठाठ फिर आयेंगे| आप कई बार कूटनीति के भी शिकार हुए है ,ये भारत का क्रिकेट है, खेलने वाले से जादा खेल बहार से खेला जाता है ,ये जाहिल जिन्होंने आपके घर पे पत्थर फेके है ये छोटे लोग एक विशेष खिलाडी के समर्थक है जिनको ऐसा लगता है की आपके धीरे खेलने से भारत हारा और उनको ये बोलने का मौका नहीं मिला की मेरे हीरो ने हमेशा की तरह अकेले भारत को ये कप दिलाया| ये प्रेमी कम, बीमार जादा है|

    इनको भूलने की बीमारी है , इन्होने क्या भूला, हम इनको याद दिलाएंगे।

    ये भक्त भक्ति में ये भूल गए है की आपने मोहम्मद कैफ की अगुआई में भारत को एक U-१९ कप दिलाया , आपने इसी कैफ के साथ मिल कर  सौरव गांगुली को क्रिकेट के मक्का में शर्ट उतार के जीत की ख़ुशी मनाने का मौका दिया | आपने भारतीय उपमहाद्वीप के बाहर पहली बार ३००+ का लक्ष्य हासिल किया और उसके बाद उसको बरक़रार रखा | आपने और कैफ जी ने मिल के २००२ से २००५ तक पॉइंट और कवर्स के आजू – बाजु से जाने वाली हर एक गेंद को बिजली की गति से पकड़ा | भारत के चेत्ररक्षण के दौरान हर मैच में 20-30 रन रोके | उस ज़माने में भारतीय फील्डिंग का उपहास दुनिया करती थी| अपने विस्वस्तारिय चेत्ररक्षण से भारत को फील्डिंग करना सीखाया| वो पॉइंट के कैच तो शायद ही कोई प्रेमी भूले, जो ज़हीर की गेंदो पे लपके थे| कैच की बात हो और वो मैच जहन में न आये जिसमे गिब्स भारत को धो रहे थे और अचानक से रिटायर्ड हर्ट हो गए , फिर आपने हरभजन सिंह और जम्बो  की गेंदो पे जो कैच लपके और मैच की तस्वीर बदल गयी| आपने विश्व कप २००३ में पाकिस्तान के वासिम , वकार और अख्तर के सामने अपनी क़ाबलियत दिखाई | लोग उसको भी भूल गए |

    आपने लगातार ३ बार मैंन ऑफ़ सीरीज का पुरस्कार भी जीता है , कई बार भारतीय टीम की नैया पार कराई है| हैदराबाद में तो हम ३५ पे ५ थे, आपने  २४९ तक भी पहुचाया था| तुम्हरी सिडनी की १३९ की पारी को बालाजी ने मटियामेट कर दिया वरना दुनिया जानती है उस दिन क्या हुआ था| गिलेस्पी , मैग्राथ और ली शायद जल्दी समझ  पाये कि  क्या है|

    आपने धोनी के साथ मिल के सब के नाक में दम कर दिया था , भारत अगर राहुल द्रविड़ के कप्तानी में १७ बार लगातार लक्ष्य का पीछा करते हुए जीता है तो उसमे बहुत बड़ा योगदान है आपका, हर उस लक्ष्य को बौना साबित कर दिया था , आपने धोनी के साथ मिल के “तू डाल –डाल मैं पात पात” का राग गाते हुए  इंग्लैंड , पाकिस्तान , श्रीलंका के खिलाफ २००५-२००६ में किया उसके लिए इस देश के  लोग तुम्हे कभी माफ़ नहीं करेंगे।

    युवराज सिंह की निरंतर गाली देने वाले , आलोचना करने वाले  ये भूल जाते है के इनको एक ही ओवर में ६ बार नाचने का अवसर दिया, वो सिर्फ ६ छक्के नहीं थे वो हर उस आलोचक के मुह पे तमाचा था जो भारत को विश्व-कप योग्य नहीं समझ रहा था।  उस दिन डरबन में उन सारे अंग्रेजो को डरा दिया था आपने जिन्होंने हमेशा हमे घर का शेर समझा था।  अगर सेमी-फाइनल में ब्रेट ली सरीखे खिलाडियों की धुलाई ना की होती तो शायद आज हर क्रिकेट प्रेमी धोनी-धोनी ना जप रहा होता| हमेशा देश के विरोधियो के सामने खड़े रहे , डटकर मुकाबला किया, इस  देश को आप सा कोई नहीं मिला है| शायद ये बौखलाए प्रेमी है कहीं न कहीं इनको पता है कि  दूर दूर तक  युवराज नहीं है |

    २०११ में जब कैंसर से जूझते हुए भी आपने टीम का साथ नहीं छोड़ा। सब उसके गवाह है |

    पुरे विश्व कप में  भारत लड़खड़ाया ही दिख रहा था , इंग्लैंड से टाई कराया किसी तरह, ज़हीर न होते तो टाई भी न होता , अफ्रीका ने बच्चा बना के हराया , होलैंड से  जीतना भी  था और आयरलैंड से भी आलम कुछ यही था।  हाँ ! बांग्लादेश से बड़े चाव से जीते थे लेकिन उसमे भी बांग्लादेश उम्मीद से जादा रन तो बना ही गया था , मैच में बराबर तो भारत क्वार्टर-फाइनल से दिखने लगा, उसके भी सूत्रधार तुम ही थे |

    वो विश्व कप भारत को तुमने दिया इसमें कोई शक नहीं है , हमेशा की तरह तुमने नाम से मतलब नहीं था , नाम किसी का भी हो तुमने देश को २८ साल बाद विश्व कप दिया था, वो शायद देश को औलाद होने जैसा था , देश जश्न में डूबा था। 

     

    तुमने इतना कुछ दिया इस देश को , लेकिन जब तुमको जरुरत थी इन सब की, सब मुकर गए | ये दुनिया ऐसी ही है , उगते सूरज को ही सलाम करती है | लेकिन युवराज का भी उदय होगा| तुम आओगे और डंका बजा के आओगे मुझे उम्मीद है | जो बोलते हैं उन की बातें मत सुनना युवराज, मत सुनना ……

    तुम आओगे हमको यकीन है…… फिर ये नाचेंगे जब तुम बल्ला घुमा के मोरोगे..क्यूँकि  ये इंडिया का क्रिकेट है |

    तुम फिर आओगे, ऐसा हमे यकीन है |

    • Satyasheel Prakash

      nice lines to give a slap on the face of peoples who were saying that yuvi career is over…..

      • Harsh Raghubanshi

        he will definatly come back beacuse he is fighter

    • Soham

      Quite Informative bhaiyya!! An extended support to Yuvi for sure :)

      • Harsh Raghubanshi

        He has given us almost everything is cricket , we should back and suppot him :)

    • This was awesome. Really loved it.

      • Harsh Raghubanshi

        thanks a lot :) thanks :)