• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country ALWAYS. Loyalty to government, when it deserves it."
  • farmer

    किसान – एक संवेदनशील जीवन

    ये कैसा जीवन,

    जुबां पे सिर्फ आह है|

    क्या करें पता नहीं,

    क्युं नहीं मिलती कोई राह है|

    बंज़र भूमि, बंज़र जीवन,

    ज़िन्दगी भी तबाह है|

    ये कैसा जीवन,

    जुबां पे सिर्फ आह है|

     

    कैसे हो बच्चों की शिक्षा पुरी,

    कैसे पुरी हो परिवार की अभिलाषा अधुरी|

    खुद मुक्त भी नहीं होती यह जीवन,

    मुक्त हो जाए तो होती हमारी चाह है|

    ये कैसा जीवन,

    जुबां पे सिर्फ आह है|

     

    कोई नेता कहीं मुर्ति बनवाए,

    कोई खेलों से करोड़ों कमाए,

    तो कोई ठुमको पे करोड़ों लुटाये|

    अश्क भी कोई समझ ले,

    क्युं नहीं किसी को हमारी परवाह है|

    ये कैसा जीवन,

    जुबां पे सिर्फ आह है|

    क्या करें पता नहीं,

    क्युं नहीं मिलती कोई राह है|