• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country "ALWAYS". Loyalty to government, when it deserves it."
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    जो दूर है तू ..

    वो तेरी आवाज़ से चिढ़ होती, जो थी पास तू
    अब वही आवाज़ कानों में गूँजती, जो दूर है तू।
    वो तेरे प्यार से मन मचलता, जो थी पास तू
    अब प्यार के लिए दिल ध़ड़कता, जो दूर है तू।

    जो थी पास तो दूर भागता था तेरे कोने की
    जो दूर है तो चाहत है तेरे पास होने की

    भूखे सोने पे तेरे आगे की गयी सारी शरारतें रुला देती है आज
    परेशान होने पे ख़ुश करने को काफ़ी है बस फ़ोन पे तेरी आवाज़
    जी भर के तुमपे चिल्लाया, जम के लड़ा, जो थी पास तू
    सबसे लड़ के सिर्फ़ तेरी याद आयी, जो दूर है तू

    तू मेरा प्यार, मैं बनता तेरा कारण रोने की
    जो दूर है तो चाहत है तेरे पास होने की

    तुझे अपनी ख़ुशी से दूर रखता, जो थी पास तू
    तेरी ख़ुशी के लिए अपना दर्द कम लगता, जो दूर है तू।
    तेरी डाँट पे ख़ुद से आगे बढ़ जाता, जो थी पास तू
    अब तेरे पीछे चलने को जी करता, जो दूर है तू

    रोज रात तेरी गोद में सर रख सोने की
    जो दूर है तो चाहत है तेरे पास होने की

    तेरी डाँट तेरी पिटायी, मेरा रूठना मेरे आँसू
    क्यों कम होते जा रहे दिन-ब-दिन बोल तू

    तू आज भी डाँटा कर, मारा कर, मत बदल अपनी ये आदतें
    मैं बनता रहा चिड़चिड़ा पर तू फिर भी रहेगी मेरी राहतें

    बड़े होने की बस ख़्वाहिश थी, जो थी पास तू
    अब वही तेरा बच्चा रहना चाहता, जो दूर है तू

    मुझे फिर अपना बच्चा बना ले, डर है बड़े होने की
    जो दूर है तो चाहत है तेरे पास होने की

    आज तेरा आँचल पकड़ फिर तेरे पीछे चलने को जी करता
    दोबारा से गोद में बड़ा होने को दिल करता।
    फिर से तुझे अपनी हरकतों से परेशान करने को मन होता
    अब तेरे साथ साथ आगे बढ़ने चाहता।

    क्योंकि माँ..
    बस तू है..
    तू है कारण
    मेरी ख़ुशी की..
    मेरे होने की..

    Gaurav Anand

    An engineer who's a poet at heart. Loves life. Family and friends come first. Nothing comes second. Believer.

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