• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country "ALWAYS". Loyalty to government, when it deserves it."
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    जनलोकपाल आंदोलन से जुड़े भारतीयों से डॉक्टर धरमवीर गांधी की अपील

    अन्ना आन्दोलन और उसके साथ जुड़े करोड़ों भारतीयों के लिए स्वतंत्र जनलोकपाल अन्ना आन्दोलन का एक पर्यायवाची शब्द बन कर आज भी भारत की जनता के कानों में गूंज रहा है। भारत के राजनीतिक दृष्टि पटल पर वह जनलोकपाल को वैकल्पिक राजनीती की पहली किरण के रूप में देखती थी।

    जनलोकपाल आन्दोलन की कोख से पैदा हुई राजनीतिक पार्टी (आम आदमी पार्टी) ने आज उसी जनलोकपाल बिल के साथ एक ऐसा भद्दा मज़ाक किया है, जिसमें न केवल जनलोकपाल के उद्देश्य को बल्कि आन्दोलन से जुड़े लाखों कार्यकर्ताओं का भी अनादर किया है

    लोकपाल की चयन प्रक्रिया, निष्कासन प्रक्रिया जिसे रामलीला मैदान वाले जनलोकपाल बिल में राजनीतिज्ञों की न्यूनतम दखल अन्दाजी की बात करता था, उसे आम आदमी पार्टी द्वारा पास किये गए बिल में इन राजनीतिज्ञों की इच्छा के हवाले कर दिया गया है। इस लोकपाल में निष्पक्ष जांच एजेंसी का गठन करने के बजाय ये काम सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारियों व व्यक्तियों द्वारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त इस बिल में एक ऐसा प्रावधान रखा गया है जिसके तहत केन्द्रीय मंत्री व कर्मचारी इस बिल के दायरे में लाये जायेंगे। जिसका सीधा मतलब ये है कि इस बिल को केंद्र सरकार कभी वांछित स्वीकृति नहीं देगी और दिल्ली को कभी भी अच्छा-बुरा लोकपाल मिल ही नहीं पायेगा।

    अतः मेरा अन्ना आन्दोलन से जुड़े सभी कार्यकर्ताओ और वैकल्पिक राजनीती के पक्ष-धर सभी दोस्तों से पुरजोर विनती है कि वे इस महान जन आन्दोलन की भावना के विपरीत दिल्ली सरकार द्वारा प्रस्तावित जनलोकपाल बिल का अपनी-अपनी जगह, अलग-अलग तरीके से विरोध करते हुए उन लाखों करोड़ों लोगो की भावनाओं के साथ न्याय करें जिन्होंने तन-मन-धन के साथ रामलीला मैदान वाले जनलोकपाल के लिए अपना योगदान दिया था।