• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country ALWAYS. Loyalty to government, when it deserves it."
  • vote-769378

    चुनावी रेल ..

    मर्यादा कैसी,
    ये तो चुनावी रेल है
    जनता छोड़,
    आम चूसने का खेल है
    सत्ता के लिए युद्ध है
    हर विरोधी के विरुद्ध है

    राजनीतिक मुद्दों का संग्राम है
    कभी भ्रष्टाचार तो कभी महंगाई
    कभी राम तो कभी मुसलमान है
    इन दिनों दागी भी दिखते शुद्ध है
    आख़िर..
    सत्ता के लिए युद्ध है
    हर विरोधी के विरुद्ध है

    पैसों का अँधा खिलवाड़ है
    आसमानी-ज़मीनी प्रचार है
    चाहे रैली, टीवी, अख़बार है
    हर ज़रिए वादों का अंबार है

    वादें पूरे हो न हो
    बस मार्केटिंग ऐसी
    जिसकी न कोई हद है
    आख़िर..
    सत्ता के लिए तो युद्ध है
    हर विरोधी के जो विरुद्ध है

    • Ankit Tiwary

      great bhaiya…….”but…ye maryadao ki sima to hamne hi bna rakha hai na…..aur rahi bat chunavi rail ki ….ye to loktantra ka hissa hai…..is rail ke bina to samaj ki patariya bhi parallel nahi rah sakti…..satta to koi samasya hi nai hai…..satta pane ki lalsa rakhna hi sabse badi samsya hai……aur ye lalsa hi to yudh ka karan banti hai….”na bhaiya….

    • Mohit Sinha

      Sab Dal-Dal hai.