• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country "ALWAYS". Loyalty to government, when it deserves it."
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    बिलाल की कलम से –

    मुस्तकबिल क्या होगा तुम्हारा इस मुल्क में? तुम्ही सोचो पटाखे फोड़ के पाकिस्तान की जीत का ऐलान करते हो। हिंदुस्तान के मुसलमानों अपने गिरेबान में झाँक के देखो, क्या तुम सच में गद्दार हो।

    मुस्लमान होना बहोत गर्व की बात है हर मुस्लमान के लिए, मेरे लिए भी है, इसके साथ साथ हिन्दुस्तानी होना भी बहोत गर्व की बात है मेरे लिए – और करोड़ों मुसलमानों के लिए भी… लेकिन कुछ मुसलमानों के लिए नहीं… ये वही मुस्लमान है जिनके घरों से पाकिस्तान की जीत पर पटाखों की आवाज़ आई, ये वही मुस्लमान है जिन्हें पाकिस्तान से बेहद मोहब्बत है क्यूंकि वहां इनकी कौम के लोग रहते हैं, हमारे देश में पाकिस्तान से ज्यादा मुस्लमान रहते हैं… हमारे मुल्क की क्रिकेट टीम में भी अजहर, ज़हीर, इरफ़ान, युसूफ, शामी, और भी कितने ही मुस्लिम खिलाड़ी देश के लिए खेल चुके हैं, और आगे भी खेलेंगे… हमारे मुल्क में बॉलीवुड में भी (दिलीप कुमार युसूफ खान से लेके शाहरुख़ तक) मुसलमानों ने झंडे गाड़े है। उसके बाद भी पाकिस्तान की जीत पर कुछ मुसलमानों का इस तरह से खुश होना उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाता ही है, हिंदुस्तान-पाकिस्तान क्रिकेट मैच खेल ही है कोई जंग नहीं, और हमे पाकिस्तान को जीत की मुबारकबाद देनी चाहिए… उनके खेल और खिलाड़ियों की तारीफ भी करनी चाहिए, लेकिन हिंदुस्तान के हारने का अफ़सोस भी ज़रूरी है… अगर आप पाकिस्तान के जीतने पर अपनी फेसबुक पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों की फोटो लगा लेंगे… अगर आप पाकिस्तान की जीत पर पटाखे फोड़ने लगेंगे तो बेशक आप देशद्रोही ही हैं, और आपको अपने मुल्क से मोहब्बत नहीं है…

    ये बातें मैं हवा में नहीं कर रहा, ऐसी कितने ही मुसलमानों को देखा है मैंने, मैं 16-17 साल का रहा होऊंगा, इंडिया पाकिस्तान की वन डे सीरीज चल रही थी, और मैं सचिन की बल्लेबाज़ी का दीवाना था, लेकिन मेरे ही मोहल्ले के कुछ मुस्लमान अपना सब कुछ छोड़ के पाकिस्तान को जिताने के लिए पागल थे, जब मैंने उनसे कहा कि ये तो गलत है, एक तो पाकिस्तान से जंग हो चुकी है, और दूसरी बात अपने देश का सपोर्ट न करना और उसे नीचा दिखाना और दुसरे देश की जीत के लिए दुआएं मांगना… ये तो देशद्रोह है, इतना कहने के बाद ही उन लोगों ने मुझे उनसे अलग कर दिया और मुझे कौम का गद्दार कहा… कल के मैच के बाद भी देश में कई जगह ऐसा हुआ, पटाखे जलाये गए हैं, एक जगह का मैं भी गवाह हूँ, तो कहने का मतलब ये है कि इस देश में ऐसा मुस्लमान 100 में 10 तो ज़रूर है, जो ऐसा सोचता है और सांप्रदायिक ताक़तों को हिन्दू – मुस्लिम को अलग करने का एक मुद्दा देता है… अगर ये 10 भी है तो ये मुल्क के लिए उतना खतरनाक नहीं जितना इस्लाम के लिए खतरनाक है, इस देश के मुसलमानों को ही ऐसे मुसलमानों को चिन्हित करना होगा, इस देश के मुसलमनों को ही आगे आकर ऐसे पाकिस्तान परस्त मुसलमानों के खिलाफ आवाज़ उठानी होगी, इस देश के मुसलमानों को ही ऐसे पाकिस्तान परस्त मुस्लमान जो पाकिस्तान की जीत पर पटाखा दागते हैं – उनकी पुलिस में शिकायत करनी होगी,

    शुरुआत मदरसों और मस्जिदों से होनी चाहिए और जुमे की नमाज़ की तक़रीर में इमाम साहब को ये ज़रूर बताना चाहिए उन मुसलमानों को, कि वो जो कर रहे है वो सरासर गलत है… और इसमें कौम का भला नहीं… सिर्फ और सिर्फ नुकसान है… वतनपरस्ती के असल मायने बताने चाहिए.

    पाकिस्तान को चाहने वाले चंद हिन्दुस्तानी इसे इस्लाम से जोड़ के देखते हैं, और ऐसा इसलिए करते हैं क्यूंकि इन्हें लगता है कि ये इनकी कौम की बात है, जबकि सच एकदम परे है, इस्लाम में और कुरआन में वतनपरस्ती पर बहोत जोर दिया गया है, और पैगम्बर-ए-रसूल स.अ.व. मोहम्मद साहब ने भी वतन पर मर मिटने को कहा है, ऐसे में ये चंद पाकिस्तान परस्त मुस्लमान इस्लाम को फॉलो नहीं कर रहे, न मोहम्मद साहब को फॉलो कर रहे हैं, बस हमारे पैग़म्बर को बदमान करते हैं, क्यूंकि ऐसे बहोत से गैर मुस्लिम लोगों को लगता है कि इनके इस्लाम धर्म में ऐसा लिखा है।

    ऐसे करने वाले लोगों को हल्के में नहीं लेना चाहिए, आवाज़ उठनी चाहिए और कार्यवाही होनी चाहिए क्यूंकि इनका आधा ब्रेन पहले से वाश है और बाक़ी का वाश करने में ज़्यादा दिमाग नहीं लगाना पड़ेगा क्यूंकि ये ज़्यादातर जाहिल लोग हैं। ऐसे हो लोग आतंकवादियों से बहोत जल्दी प्रभावित हो जाते हैं और उसके बाद जो बम धमाके होते हैं उनमे हिंदू मुस्लमान और इंसान मरता है।

    ऐसे भटके हुए मुसलमानों के लिए मेरी एक ग़ज़ल –

    हरकतें तुम ऐसी क्यूँ नादान करते हो
    क्यूँ मेरे मोहम्मद को बदनाम करते हो?

    अशफाक, हमीद, ने दिया है खून मुल्क को
    क्यूँ शहादत का उनकी अपमान करते हो!

    रसूल ने फ़रमाया, सींचो वतन को खून से,
    न कुरआन समझी, न इसका ऐहतराम करते हो।

    मुस्तकबिल क्या होगा तुम्हारा इस मुल्क में? तुम्ही सोचो
    पटाखे फोड़ के पाकिस्तान की जीत का ऐलान करते हो।

    करोड़ों मुसलमान मरने को हैं तैयार मुल्क पे
    चंद जाहिलों तुम, इनको भी बदनाम करते हो।

    मोहम्मद का हुकुम है वतन पे मर मिटो
    क्यूँ मेरे मोहम्मद को बदनाम करते हो।