• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country "ALWAYS". Loyalty to government, when it deserves it."
  • Author Archives: Ravish Kumar

    Acclaimed TV journalist & News presenter working with NDTV India. Hails from Bihar, based in Delhi.

    तमिल पत्रकारिता को बदलने के लिए जुट गए हैं 12 दीवाने

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    अरुण बनना तो चाहता था इंजीनियर मगर परिवार की आर्थिक स्थिति में पढ़ाई पूरी नहीं होने दी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ कर वह अपने गांव से 150 किमी दूर चेन्नई आ गया। दोस्त शिवा की ...

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    गुरमीत सिंह से लड़ने वाली दो साध्वियों के लिए कौन कौन बोला –

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    निर्भया के लिए रायसीना हिल्स को जंतर मंतर में बदल देने वाली हिन्दुस्तान की बची हुई बेटियाँ नोट करें कि दो साध्वी ने कैसे ये लड़ाई लड़ी होगी, जिसकी जेल यात्रा को प्रधानमंत्री के काफ़िले ...

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    जब ख़बर न छपे, जब टीवी न दिखाये तब भी..

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    सब कुछ पर्दे पर हो यह ज़रूरी नहीं है,सब कुछ पन्ने पर हो बिल्कुल जरूरी नहीं हैकभी कभी पीठ भी पन्ने का काम कर सकती हैकभी कभी पीठ भी पर्दे की तरह प्रसारित कर सकती ...

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    अगर आप औसत हैं तभी आप बेहतर हैं

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    अखिल भारतीय कर्मचारी आयोग बनाने का ख़्याल आ रहा है। अगर आप इस तरह के कर्मचारी हैं तो प्रयास कीजिये कि बाकी भी आप जैसे हो जाएँ। अगर किसी दफ्तर में आप जैसे लोग न ...

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    लोकतंत्र के बेसिक के ख़िलाफ़ है फ्री बेसिक

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    आजकल आप अपने अख़बार में फेसबुक का विज्ञापन देख रहे होंगे। एक ही बात को कहने के लिए फेसबुक हर दूसरे तीसरे दिन चार चार पन्ने का विज्ञापन दे रहा है। बाज़ार से लेकर हवाई ...

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    सोशल मीडिया का गुंडाराज किसे नहीं दिखता है ?

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    मेरे नाम से समय समय पर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाया जाते रहता है। इस मुल्क की संस्थाएँ इतनी फटीचर हो चुकी है आप उनसे संपर्क भी नहीं कर सकते कि कौन फैला रहा है ...

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    अगर आप गालियों के समर्थक हैं तो …

    Social Media

    आलोचना ज़रूरी है पर उससे भी ज़रूरी है आलोचना का माहौल। अगर हम आलोचना करने के क्रम में माहौल की रचना और रक्षा नहीं करेंगे तो आलोचना का अवसर गंवा देंगे। आलोचना बेमानी हो जाएगी। ...

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    कमजोर, कमसिन ‘रुपये’ के नाम रवीश की खुली चिट्ठी

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    मेरे प्यारे कमज़ोर और कमसिन से रुपैया, आए दिन समाचार माध्यमों में तुम्हारे गिरते-पड़ते रहने की ख़बरें देखता रहता हूं। सच कहूं तो मैं तुम्हारे गिरने की ख़बरों को पढ़कर कुछ महसूस नहीं करता। जैसे ...

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    बीमा खरीदने से पहले बीमा की शर्तों को अच्छे से जानिये

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    रेडियो टीवी पर बीमा की शर्तों को दनदनाकर पढ़ते हुए सुनने से हमेशा लगता है कि बीमा तो बस ले लेने का मैटर है, समझने का चैप्टर नहीं है। शर्तें लागू को इस तरह से ...

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    काम कम फोटो ज्यादा

    PhotoPolitics

    यह राजनीति का फोटोकाल है। नेता के लिए हर लम्हा एक फोटो है। नेताओं का फोटो प्रेम नया नहीं है। भारत का हर शहर नेताओं के फोटो से भरा है। पोस्टरों पर वे किसी देवदूत ...

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