• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country "ALWAYS". Loyalty to government, when it deserves it."
  • Author Archives: Bilal Hasan

    Excels in playwrighting, direction & poetry. He hails from Lucknow & is working in entertainment industry in Mumbai.

    कठुआ, उन्नाव, रोहतास और जाने कितने ..

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    रहो चुपचाप तुम। और ढूंढ लो उस बच्ची का मज़हब, जिसके जिस्म को हैवानों ने नोचा ऐसे, जैसे गिद्ध नोचे लोथड़ा गोश का, जिस बच्ची को अपने जिस्‍म की ठीक ठीक मालूमात भी ना होगी ...

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    ये कौन सी दुनिया बची है ?

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    सोचा था राजनैतिक कुछ भी नहीं लिखूंगा, लेकिन पानी सर के पार जा चुका है, अगर हम अभी भी नहीं जागे तो न इस देश में रहने वाले लोग बचेंगे न ये देश,अगर अभी भी ...

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    तीन तलाक – मुस्लिम महिलाओं की बड़ी जीत

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    देश के पढ़े लिखे मुसलमानों को सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा करना चाहिए। शुक्रिया क्यूंकि देश के सुप्रीम कोर्ट ने आपके इस्लाम धर्म की लाज रख ली। तीन तलाक यानी एक बार में ही (एक ...

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    सरकार को याद रहे कि जिस गरीब का घर बह गया है आप उसके नौकर है ..

    Photo Courtesy - PTI

    एक आठ से दस साल की बच्ची नदी के किनारे से अपनी खाने की प्लेट में मिटटी भर रही थी कि किसी ने पूछा “ऐ छोरि का करबे ई मिटटी का?” उसने मिटटी से सना अपना ...

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    गोरखपुर त्रासदी और राजनीति : शर्मनाक

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    उन मासूमो की किलकारी को सुनने माँ तरसती हैजहाँ गयी है ज़िन्दगी मांगने वहां मौत बरसती है मदरसों में लगा के कैमरे साबित कर दिया तुमनेमुसलमाओं के लिए दिल में तुम्हारे आग जलती है  लगे ...

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    बिलाल की कलम से –

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    मुस्तकबिल क्या होगा तुम्हारा इस मुल्क में? तुम्ही सोचो पटाखे फोड़ के पाकिस्तान की जीत का ऐलान करते हो। हिंदुस्तान के मुसलमानों अपने गिरेबान में झाँक के देखो, क्या तुम सच में गद्दार हो। मुस्लमान होना बहोत ...

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    मेरी मरकरी …

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    छज्जे से सटा खम्बा है लगा सब नींद मेरी ये लूट चला। जलने है लगी ये नयी मरकरी। कमरे को मेरे उजाले से भरा तुम उभर गयी इसमें यहाँ वहां पन्नी ओढे ये दुल्हन सी ...

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    मेरी माँ

    BILAL

    कितनी रातें तू जागी हैकितने दिन रात रोई है ,तकलीफों को अपनी माँमुस्कराहट में संजोयी है , कितने जत्नों के बाद जन्मातुमने मुझको ऐ अम्मामेरी हर आह पे ऐ माँतू रो आँचल भिगोई है , ...

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    ओ मेरे वतन …

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    ओ मेरे वतन मेरे खुश-चमन तू मेरा अदब तू मेरी नज़म तू मेरा लहू तुझको है नमन ओ मेरे वतन हम चिराग हैं अपने देश के हम तो फूल हैं तेरे खेत के तेरी सीचन ...

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    फांसी का फन्दा

    Farmer

    विरोध और आत्महत्या का  संबंध पुराना है हमारे देश का।    जब भगत, राजगुरु, सुखदेव, अशफ़ाक़ ने  अपनाया था फांसी का फन्दा  और हस्ते हस्ते गले लगाया था मृत्यु को   वो भी विरोध था  और ...

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