• ~ Mark Twain

    ~ Mark Twain

    "Loyalty to country "ALWAYS". Loyalty to government, when it deserves it."
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      बिलाल हसन निर्देशित #चुपचाप : दिल्ली स्क्रीनिंग

      हमारा मूवीज निर्मित और बिलाल हसन निर्देशित शॉर्ट फिल्म #चुपचाप की बात हम कई बार कर चुके है। यह चुपचाप की पांचवी स्क्रीनिंग है पर इस बार यह और ख़ास है क्यूंकि इसकी स्क्रीनिंग दिल्ली ...

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      What have we learnt in the six years of Nirbhaya?

      Six years have passed since the Nirbhaya case. Six years is enough time for systems to be put in place, or at least, begin somewhere. After all the hue and cry and all the finger p...

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      आरबीआई गवर्नर के लिए मैं क्यों नहीं चुना जा सका!

      RBI के गवर्नर पद के लिए इतिहास के छात्र का चयन हुआ है। मैं इतिहास का छात्र रहा हूँ इसलिए काफ़ी उत्साहित हूँ।  अगर मैं स्टूडियो में एंकरिंग न कर रहा होता तो मेरा भी चांस था। सूत्रों...

    • Kalpanadham

      ‘कल्पनाधाम’ का संवैधानिक पहलु

      कल्पनाधाम ‘ग्राम विकास आवासीय विद्यालय, कांकिया’ के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हुआ है. यह विद्यालय ओड़िशा राज्य के गंजाम जिले में ब्रह्मपुर शहर से करीब 15 किमी दूर स्थित है. ‘कल्प...

    • Kalpanadham

      The Constitutional Aspect of ‘Kalpanadham’

      Kalpanadham, a Hindi term that literally means ‘abode of imagination’ in English, proved to be a revolutionary idea for the students of ‘Gram Vikas Residential School, Kankia’ situ...

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    बिलाल हसन निर्देशित #चुपचाप : दिल्ली स्क्रीनिंग

    हमारा मूवीज निर्मित और बिलाल हसन निर्देशित शॉर्ट फिल्म #चुपचाप की बात हम कई बार कर चुके है। यह चुपचाप की पांचवी स्क्रीनिंग है पर इस बार यह और ख़ास है क्यूंकि इसकी स्क्रीनिंग दिल्ली में है जहाँ यह शूट की गयी ...

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    आरबीआई गवर्नर के लिए मैं क्यों नहीं चुना जा सका!

    RBI के गवर्नर पद के लिए इतिहास के छात्र का चयन हुआ है। मैं इतिहास का छात्र रहा हूँ इसलिए काफ़ी उत्साहित हूँ।  अगर मैं स्टूडियो में एंकरिंग न कर रहा होता तो मेरा भी चांस था। सूत्रों को पता ...

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    ‘कल्पनाधाम’ का संवैधानिक पहलु

    कल्पनाधाम ‘ग्राम विकास आवासीय विद्यालय, कांकिया’ के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हुआ है. यह विद्यालय ओड़िशा राज्य के गंजाम जिले में ब्रह्मपुर शहर से करीब 15 किमी दूर स्थित है. ‘कल्पनाधाम’ स्थापित करने का विचार सबसे पहले शालिनी कृष्णन ...

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    Satyanarayana – An administrator, coach and backbone

    Satyanarayana is the son of a flower seller and took up athletics it was the affordable sports for him. He became champion at state junior and nation junior events. He won medal at World Junior Athletics Meet at Seoul in 1984. ...

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    Pranav Dhanawade, scores record 1009 runs in one innings

    Pranav Dhanawade scored 1009 runs in just 323 balls with 129 fours & 59 sixes in the H.T. Bhandari Cup inter-school cricket tournament match organised by Mumbai Cricket Association. The opposition team had been dismissed for 31. This world record score ...

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    हैप्पी बर्थडे चैंपियन! #ThankYouYuvi

    12 दिसम्बर 1983 को यूँ तो चंडीगढ़ में बहुत से बच्चों का जन्म हुआ होगा, लेकिन उनमें से एक को जन्म दिया था योगराज सिंह की पत्नी शबनम सिंह ने। किसी को नहीं पता था कि आगे जाकर ये बच्चा ...

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    एम एस धोनीः सफलतम कप्तान या मृगतृष्णा

    हम फिर हार गए । अब ये बात कोई नयी बात नहीं लगती । पर मेरे जैसे क्रिकेटप्रेमी को ये पचता भी नहीं । कई सवाल घेरते हैं । क्या ये हार धोनी काल के अंत की शुरुआत होने का प्रतीक ...

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    आरबीआई गवर्नर के लिए मैं क्यों नहीं चुना जा सका!

    RBI के गवर्नर पद के लिए इतिहास के छात्र का चयन हुआ है। मैं इतिहास का छात्र रहा हूँ इसलिए काफ़ी उत्साहित हूँ।  अगर मैं स्टूडियो में एंकरिंग न कर रहा होता तो मेरा भी चांस था। सूत्रों को पता ...

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    Screenshot_2017-07-28-12-05-37-679

    क्या नीतीश कुमार ही सोनम गुप्ता हैं ?

    बिहार में राजनीति ऐसे गरमायी है जैसे बेमौसम बरसात या बिन बुलाए मेहमान ! इस देश ने सियासी उठा पटक तो बहुत देखे हैं लेकिन चुनाव की घबराहट बहुत कम ही देखा है जो आज साफ़ दिख रहा है। ऐसे ...

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    action_on_streets_05

    मोबाइल और मानव

    आज का विश्व ‘मोबाइलमय’ है। मोबाइल आज से करीब पंद्रह वर्ष पूर्व किसी क्रांति की तरह आई और बस छा ही गई – हरजगह। आज मोबाइल इंडस्ट्री किसी विशाल समंदर सा है जिसमे कई कंपनीया रचनात्मकता और कल्पना के जहाज़ ...

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    Rupee-340x160

    कमजोर, कमसिन ‘रुपये’ के नाम रवीश की खुली चिट्ठी

    मेरे प्यारे कमज़ोर और कमसिन से रुपैया, आए दिन समाचार माध्यमों में तुम्हारे गिरते-पड़ते रहने की ख़बरें देखता रहता हूं। सच कहूं तो मैं तुम्हारे गिरने की ख़बरों को पढ़कर कुछ महसूस नहीं करता। जैसे कि बहुत दुखी हो गया ...

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